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Stock Market Trading vs Investing Which is Better: ( ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है इन हिंदी? )

दोस्तों आज हम जानेगे की Stock Market में Investing करना सही रहेगा या Trading, हमारे कहने का मतलब है की शेयर मार्केट में ट्रेडिंग और निवेश में क्या बेहतर है आपके लिए! तथा ये भी जानेगे की Share Market में Trading और Investment में क्या फर्क होता है हिंदी में !



बहुत से लोग जो Stock Market में पहली बार एंट्री करते है, तो उनको ये पता होना बहुत जरूरी है कि उनके लिए Trading बेस्ट रहेगी या निवेश! जब तक आपको अपना Goal पता नही है की करना क्या है और कैसे तब तक आप Share Bazaar में एक सफल निवेशक नही बन सकते!

Stock Market Trading vs Investing Which is Better-ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है इन हिंदी?, Share Market में Trading और Investment में क्या फर्क होता है हिंदी में, Investing vs Trading: What's the Difference?, What is Investment in Hindi?-Types Of Investing, What is Trading? ( ट्रेडिंग किसे कहते है? ), Types of Trading in Indian Stock Market, Trading और Investment में क्या अंतर है?, क्या Trading से income रेगुलर कमाया जा सकता है ? ( Can Regular Income be Earned from Trading )



Stock Market में Trading करें या Invest ( क्या है बेहतर ? )


शेयर बाज़ार में या यूं कहे स्टॉक मार्केट में कोई भी परफेक्ट नही होता, हर किसी से यहाँ गलतियाँ हो जाया करती है और यहाँ आप गलतियों के बदले पैसे गवाते है इसलिए आपको शेयर बाज़ार में फायदों के लिए उन गलतियों को सुधारना होगा और निरंतर सीखते रहना होगा जिसके लिए आपको Share Market में टाइम देना होगा!


Share Market में इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग को सबसे ज्यादा रिस्क माना जाता है, इसलिए आपको STOCK MARKET में TRADE या INVEST से पहले आपको आपकी अपनी RISK लेने की क्षमता को जानना बहुत जरुरी है, अगर आप सही तरह से जान लेते है की आपकी RISK क्षमता क्या है!


जिससे आप आसानी से ये समझ पायेगे की आपको Trading करनी है या Investing! STOCK MARKET में TRADING या INVESTING एक RISK SUBJECT है, इसीलिए सबसे पहले आप को ये तय करना होगा की आप के पास जो भी पैसे है, उसमे से आप कितने पैसे का RISK उठा सकते है, और कितने समय के लिए आप ये RISK उठा सकते है!


और इस तरह अपनी रिस्क क्षमता के अनुसार आप ये निर्णय ले सकते है की आपको “TRADING” करना चाहिए या Investing ! तो चलिए अब जानते है Stock Market Trading क्या होती है और Investing क्या होती है?....




Investing vs Trading: What's the Difference? ( इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग में क्या अंतर है? )


अगर आप Stock Market में रूचि रखते है या Stock market सिखना चाहते हो, तो Investment और Trading के बारे में अपको मालूम होना चाहिए, बहुत सारे लोगों को Trading और inveatment का मतलब एक ही लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है, दोनों में काफी फर्क है तो आज हम इस आर्टिकल में इन्हीं दोनों के difference को समझने वाले हैं!




What is Investment in Hindi? ( शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट क्या है? )


STOCK MARKET में Investment का अर्थ Long Term में WEALTH CREATE करना होता है, Long Term से हमारा मतलब कम से कम 1 साल से ज्यादा  के लिए Investment करना ! Investment जो है वो Long Term के लिए की जाती है,यानि की Shares को Long term के लिए Hold किया जाता है!


जो लोग Investment करते है,उन्हें Investor कहा जाता है, जो investor होते है,वो Smart Work करते है, वो Buy-hold-sell दृष्टिकोण का इस्तेमाल करते है! Buy-hold-sell मतलब किसी कंपनी के shares को खरीदकर रखना ,सालो तक उसे Hold पर रखना और मौका देख कर उसे Market में sell करना !


जैसे Trader का Focus Technical Analysis के उपर होता है, उसी तरह Investor का Focus Fundamental Analysis पर रहता है, जब कोई Investor Company का Fundamental Analysis करता है, तब उसे कंपनी के बारे में एक idea मिल जाता है की Future में ये कंपनी कहा तक Growth कर सकती है! 



ऐसा माना जाता है की लम्बे समय के लिए मार्केट में निवेश करने से लाभ होता है, हालाँकि ऐसा जरुरी नहीं है लेकिन अगर आप LONG TERM INVESTOR है तो बाज़ार में होने वाले छोटे मोटे उतार चढाव की चिंता से बच सकते है और इस तरह आप लम्बे समय के निवेश से अपना रिश्क को कम कर सकते है!



What is Difference Between Sensex And Nifty In Hindi



Types Of Investing ( निवेश के प्रकार )


Value Investing ( मूल्य निवेश )- Value Investing का मतलब है की,  भविष्य में जो Industry ज्यादा Develope होगी उसे पहचाना और उस में निवेश करना होता है!


Growth Investing- Growth Investing का मतलब उन कंपनियों में Invest करना होता है जो Fundamentally काफी Strong होती है और जिनका मार्केट में नाम होता है!




What is Trading? ( ट्रेडिंग किसे कहते है? )



Trading क्या है? यह प्रश्न ज्यादातर स्टॉक मार्केट में नए लोगों को परेशान करता है, ट्रेडिंग का सरल भाषा में अर्थ है किसी वस्तु या सेवा को मुनाफा कमाने की उम्मीद से बेचना और खरीदना यानि की किसी वस्तु या सेवा का आदान प्रदान करके मुनाफा कमाना।


जैसे कि हम किसी वस्तु को खरीद और बिक्री करके मुनाफा कमाते हैं बिल्कुल वैसे ही स्टॉक मार्केट में वस्तु की जगह कंपनियों के शेयर कि खरीद और बिक्री करके मुनाफा कमाया जाता है जो ट्रेडर होते है वो कम दाम में शेयर खरीदते है और ज्यादा दाम में उस Share को बेच देते है जिससे उनको मुनाफा होता है!


Shares की Buy-Sell की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है आप किसी ब्रोकरेज फर्म में अपना ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलकर शेयरों की खरीद और बिक्री कर सकते हैं! बस आपको यह ध्यान में रखना होगा कि शेयरों में निवेश से काफी जोखिम जुड़ा होता है! 


किसी कंपनी के Share में इन्वेस्ट करने से पहले उसके व्यापार, शेयरों की सही कीमत (मूल्यांकन) और उसके कारोबार की संभावनाओं को जानना जरूरी है शेयर बाजार में Shares के भाव स्थिर नहीं रहते, आम तौर पर जब शेयर का भाव कम होता है तब शेयर खरीदने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है!



ट्रेडिंग कि समय अवधि 1 साल की होती है। मतलब यह हुआ कि 1 साल के अंदर शेयर को खरीदना और बेचना है। अगर एक साल के बाद शेयर को बेचते हैं तो यह निवेश कहलाता है। आप शेयर को खरीदते हैं और 1 साल के अंदर खरीदे हुए शेयर को प्राइस बढ़ने के बाद बेच देते है। तो यह Stock Market Trading कहलाता है।



आपको अच्छे से समझाने के लिए मै एक छोटा सा उदाहरण देता हूँ, माना की आज टाटा मोटर्स का शेयर प्राइस 180 चल रहा है और आपने 180 के हिसाब से Tata Moters के 300 Shares 54000 रुपये में खरीद लिए अब अगले दिन उसका प्राइस 180 से 200 रुपये हो जाता है, तो अब आपको एक शेयर पर 20 रू का फायदा हो गया है!


तो अब आप चाहे तो अपने इन 300 शेयर्स को 200 रू के हिसाब से Sell कर सकते है, जिस पर आपको 6000 रू का मुनाफा होंगा, यदि आपको लगता है कि Share की कीमत और बढ़ेगी तो अपने 300 Shares को अपने पास रख सकते है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा एक साल के लिए अपने पास Hold करके रख सकता है!


आसान शब्दों में कहे तो आपने होलसेल स्टोर से कोई सामान रू50 खरीदा और उसे बाद में 60रू लगा कर कस्टमर्स को बेच दिया। अगर यह आप रोजाना करते हैं तो इसे ट्रेडिंग कहा जाता है। Trading को काफी रिस्की कहा जाता है क्योंकि इसमें यह कोई नहीं जानता कि कुछ समय बाद शेयर के भाव में क्या मूवमेंट आयेगा येसी परिस्थिति में आपको नुकसान भी झेलना पड़ सकता है!


शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के बहुत सारे तरीके मौजूद हैं तो आज कि लेख में हम आपको Trading Meaning in Hindi के बारे में बारीकी से समझाएंगे। इसलिए आज का पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए इस अंत तक जरूर पढ़े।


यहां Trader को किसी Company की पूरी कुंडली निकालने की जरूरत नहीं होती क्योंकि Trading करते समय हर मिनट हर सेकंड में Price चेंज होता रहता है, इसलिए यह Stock Price के पैटर्न और वॉल्यूम का Analysis किया जाता है! STOCK MARKET TRADING करने का कारण और लाभ की अपेक्षित मात्रा जानने से आप RISK CONTROL कर सकते है और अपने लिए सबसे बेहतर TRADING का विकल्प भी चुन सकते है!


तो फिर आइए जानते हैं ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है?



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Types of Trading in Indian Stock Market ( शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के प्रकार )


वैसे तो मुख्या रूप से 10 प्रकार की Share Market में ट्रेडिंग होती  है पर मैंने अपनी तरफ से एक और जोड़ दिया है जिसके बारे में आपको आगे मालूम पड़ेगा क्योंकि वो भी एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जिसे हर Investor को जरूर सीखना चाहिए ताकि जल्दी से जल्दी उनका अनुभव शेयर बाज़ार में बढ़ सके!


आज मैं आपको शेयर बाजार के अंदर कुल 11 प्रकार के शेयर ट्रेडिंग के बारे में बताऊंगा जिसमे से कुछ को सिखने में थोड़ा समय जरूर लगता है लेकिन उनमे फायदे भी बहुत होते है। तो चलिए अब हम कुछ ट्रेडिंग टाइप को समझ लेते हैं जो कि शेयर बाजार में बहुत ही पॉपुलर हैं-



1. Scalping Trading किसे कहते है? ( स्कल्पिंग ट्रेडिंग )- 

यह शेयर ट्रेडिंग का ऐसा तरीका है जिसमे Trader कुछ मिनिट के लिए Share को Buy करके अपने पास रखेगा और उसे बाद में तुरंत Sell कर देगा तो उसे Scalping Trading कहा जायेगा और ऐसे ट्रेडर्स को Scalpers कहा जाता है। 


यह ट्रेडिंग एक प्रकार से कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक ही होता है अतः एक दिन में इस ट्रेड को कई बार भी किया जा सकता है, स्कैल्पर ट्रेडिंग किसी कानून के आने या आर्थिक जगत की किसी बड़ी खबर आने पर की जाती है लेकिन इसके लिए अनुभव का होना बहुत जरुरी है तभी आप मुनाफा कमा सकते है! 


Scalping Trading को सबसे जायदा रिस्की मना जाता है क्योकि एक दिन में किसी भी कंपनी का शेयर ऊपर नीचे होता रहता है और Scalping Trading कुछ मिनिट के हिसाब से होती है तो येसे में जोखिम भी बढ़ जाता है!


2. Intraday Trading Kya Hai? ( इंट्रा-डे ट्रेडिंग किसे कहते हैं? )-

असल में बाजार में एक ही ट्रेडिंग डे पर शेयर खरीदने और बेचने को इंट्रा डे ट्रेडिंग कहते हैं अगर कोई Trader सिर्फ एक दिन के लिए Shares को Buy और sell करेगा उसे Intraday trading कहा जायेगा जिसे day ट्रेडिंग भी कहते हैं!


इंट्रा-डे ट्रेडिंग में एक ही दिन में शेयर खरीद कर उसे बेच दिया जाता है. मार्केट खुलने के बाद आप शेयर खरीदते हैं और मार्केट बंद होने से पहले उसे बेच देते हैं कहने का मतलब यह हुआ कि वह traders जो Market (9:15 am) के खुलने के बाद शेयर खरीद लेते हैं। और मार्केट बंद(3:30 pm) होने से पहले शेयर को बेच देते है। ऐसे ट्रेडर्स को Intraday ट्रेडर्स कहा जाता है। Intraday ट्रेडिंग Scalping Trading से थोड़ा कम रिस्की होता है।


Intra Day ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद रकम का 20 गुना आप को मुहैया कराता है. इसका मतलब यह है कि आप उधार रकम ( मार्जिन ) लेकर शेयर खरीद सकते हैं और उसी दिन बेच कर उसे वापस कर सकते हैं!


माना की आपने कोई शेयर मर्जिंग में ले रखा है और शेयर मार्किट के क्लोजिंग के ठीक 30 मिनट पहले आपको अपने सौदे को क्लोज करना होगा चाहे आप प्रॉफिट में हो या Lose में हो, ऐसा नहीं करने से आपको कुछ रकम के रूप में फाइन भरना पड़ता है और सौदा आटोमेटिक Sell हो जाता है! 



3. Swing Trading Kya Hai? ( स्विंग ट्रेडिंग या शार्ट टर्म ट्रेडिंग किसे कहते हैं? )-


Swing Trading वह trade है जिसमे शेयर्स को कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रखकर सेल कर दिया जाता है मतलब यह हुआ कि वह traders जो एक दो हफ़्ते के लिए शेयर को खरीदने के बाद बेच देते हैं तो उसे Swing Trading कहेंगे!


यह एक तरह से सबसे सुरक्षित और अच्छा प्रॉफिट देने वाला ट्रेडिंग माना जाता है, अगर आप अपने निवेश के लक्ष्य के हिसाब से 5-10 % लाभ की उम्मीद पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर रहे है तो स्विंग ट्रेडिंग से आप पैसे कमा सकते हैं इसमें आपको पूरे दिन चार्ट को देखना नहीं पड़ता है। यह उन लोगो ( जॉब, स्टूडेंट्स आदि) के लिए बेहतर होता है जो ट्रेडिंग में अपना पूरा दिन नहीं दे सकते हैं।



4. Positional Trading Kya Hai: पोजीशनल ट्रेडिंग या लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग किसे कहते हैं?


Positional Trading वह ट्रेड है जिसमे Shares को कुछ महीनो से लेकर कुछ साल तक होल्ड करके रखा जाता है और कुछ महीने या साल भर के बाद प्रॉफिट दिखने पर Sell कर दिया जाता है तो इस तरह की ट्रेडिंग को पोसिशनल ट्रेडिंग या Long Term Trading कहते है!

अगर आप किसी कंपनी के शेयर को 1, 3 या 5 साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए खरीदते हैं और कंपनी के कारोबार में अगर तेजी से वृद्धि हो तो लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में आप बहुत अच्छा लाभ कमा सकते हैं शेयर बाजार की रोजाना के up-down से इन पर जायदा असर नहीं होता है। यह बाकी सभी trading से कम रिस्की होता है।



5. BTST या STBT किसे कहते हैं?


BTST या STBT का मतलब होता है "Buy Today Sell Tomorrow, Sell Today Buy Tomorrow". आज ख़रीदे हुये शेयर को कल बेच देने को BTST (Buy Today Sell Tomorrow) ट्रेडिंग कहते है कहने का मतलब है कि कई बार कोई स्टॉक आज जिस Price पर Close हुआ है अगले दिन उससे ज्यादा या कम में Open होता है इसका फायदा उठाने को BTST ट्रेडिंग की जाती है!


चलिए इसको एक उदाहरण से समझते है मान लीजिए ABC शेयर का प्राइस आज के दिन 15% नीचे गिर गया और वह शेयर एक स्ट्रांग फंडामेंटल वाला है आपको Technical Analysis की मदद से यह लगता है कि कल यह शेयर थोड़ा सा ऊपर जाएगा या नीचे और गिरेगा तो इस आधार पर अगर आप आज शेयर खरीदारी करते हैं या बिकवाली करते हैं और कल बाजार खुलते ही Exit कर लेते हैं तो इसे ही बी.टी.एस.टी या एस.टी.बी.टी ट्रेडिंग कहते हैं!



6. मोमेंटम ट्रेडिंग ( Momentum Trading ) किसे कहते हैं?


जब किसी शेयर में कभी ब्रेकआउट आता है यानी की लम्बे समय के बाद कोई शेयर ऊपर की तरफ या फिर निचे की तरफ अपने पिछले रिकॉर्ड लेवल को तोड़ देता है तब उस समय उसके बहुत तेजी के साथ ऊपर या फिर निचे जाने के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते है तो उस ब्रेकआउट पर ट्रेडिंग करने को मोमेंटम ट्रेडिंग कहते हैं ब्रेकआउट कई प्रकार के होते हैं!

  • Chart pattern breakout (चार्ट पेटर्न ब्रेकआउट)
  • Price breakout (प्राइस ब्रेकआउट)
  • Volume breakout (वॉल्यूम ब्रेकआउट) 
  • Candlestick pattern breakout (कैंडलेस्टिक पेटर्न ब्रेकआउट)


चलिए इसको एक उदाहरण से समझते है मान लीजिये कोई शेयर ABC जिसका प्राइस 100 रू है और वह 95 से 100 के बीच ट्रेड कर रहा है और उसके बार- बार 100 रू के लेवल को छूने के वजह से ऊपर जाने के चांस बढ़ जाते है और जैसे ही वह शेयर 101 या 102 रूपए तक पहुँचता है उसमे एक बहुत बड़ा उछाल देखने को मिलता है!




7. Algo Trading (एल्गो ट्रेडिंग) क्या होती है?


 Algo Trading एक खास तरह की ट्रेडिंग होती हैं जिसमे सब कुछ आटोमेटिक होता है मेरा कहने का मतलब यह है की जिसमें कंप्यूटर प्रोग्राम आप के आदेश पर ट्रेड करता है कौन से लेवल पर खरीदना है और कौन से लेवल पर बेंचना है यह सब डिसीजन एल्गो ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर  अपने आप ही ले लेता है! 

एल्गो ट्रेडिंग में हमे कुछ करना नहीं पड़ता है, केवल हमे कुछ इंस्ट्रक्शन कम्प्यूटर को देने होते है उसके बाद कम्प्यूटर खुद ही किसी शेयर को खरीद या बेच सकता है!



8. Arbitrage Trading (आर्बिट्राज ट्रेडिंग) क्या होती है?


शेयर मार्किट में बहुत से ऐसे शेयर मौजूद है जो एक से ज्यादा एक्सचेंज में लिस्टेड होते है और कई बार उनके प्राइस में एक ही समय में अंतर आ जाता है इसलिए इसका फायदा निवेशक उठाकर लाभ कमा लेते है तो इस प्रकार की ट्रेडिंग को Arbitrage Trading (आर्बिट्राज ट्रेडिंग) कहते है!


चलिए इसको एक उदाहरण से समझते है मान लीजिए कि XYZ शेयर NSE and BSE दोनों पर लिस्टेड है लेकिन उसका प्राइस वैल्यू BSE में ज्यादा चल रहा है NSE के मुक़ाबले, तो जिधर प्राइस कम है उधर खरीदी करना है और जिधर प्राइस ज्यादा है उधर बिकवाली करना है इसे ही आर्बिट्राज ट्रेडिंग कहते हैं!



रोज 1000 रुपये से 2000 रुपये कमाए:- ( How to Make Money Online Daily 2021 )



9. News or Event Trading (न्यूज़ और इवेंट ट्रेडिंग) क्या होती है?


आपने एक चीज टीवी में जरूर देखा होगा की बहुत से ऐसे शेयर मार्किट से जुड़े न्यूज़ चैनल होते है जो शेयर मार्केट से जुडी हर तरह की जानकारी देते है येसे में शेयर मार्किट या फिर किसी स्टॉक में कोई बढ़िया न्यूज़ आने के वजह से स्टॉक मार्किट में उछाल आता है या फिर किसी शेयर का क्वार्टली रिजल्ट बढ़िया आने से भी उस शेयर में डिमांड काफी तेजी से बढ़ती है,

शेयर बाजार में न्यूज या इवेंट की वजह से शेयर प्राइस में जो मोमेंट आती है उसका फायदा उठा आकर ट्रेडिंग करने को न्यूज़ और इवेंट ट्रेडिंग कहते हैं इसलिए इसका फायदा उठाकर इन्वेस्ट करने पर इन्वेस्टर को कुछ ही दिनों में बहुत ज्यादा फायदा हो जाता है!



10. स्प्रेड ट्रेडिंग ( Spread Trading ) किसे कहते है?


Spread Trading वह ट्रेडिंग होती है जब किसी Share के Buy Value और Sell Value में बड़ा अंतर हो जाता है और इसी अंतर का फायदा उठाकर निवेशक ट्रेडिंग करते है तो इस प्रकार की ट्रेडिंग को स्प्रेड ट्रेडिंग ( Spread Trading ) कहते है!


मान लीजिये किसी Share ( XYZ ) के Futures Contract की इस महीने की प्राइस 100 रूपए है और अगले महीने की प्राइस वैल्यू 102 रूपए है तो इस परिस्थिति में इस महीने की 100 रूपए वाली 1000 शेयर निवेशक द्वारा खरीद लिया जाता है, और अगले महीने में उसका वैल्यू 102 रूपए और उसी प्राइस में बेंक दिया जाता है । इसमें आपको एक शेयर में 2 रूपए का मुनाफा हो जाता है जो 1000 शेयर के लिए  2000 रूपए का मुनाफा होगा!



11. पेपर ट्रेडिंग ( Paper Trading ) क्या है?


जैसा की दोस्तों मैंने आपको पहले ही ऊपर बताया था की ट्रेडिंग आमतौर पर 10 प्रकार की होती है लेकिन मै आपको अपनी ओर से एक और ट्रेडिंग के बारे में बताऊगा जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है और ख़ास कर नए निवेशक को इसे जरूर अपनाना चाहिए क्योंकि यह सिखने के बेसिस पर निर्भर है इसमें कोई पैसा इन्वेस्ट नहीं करना बल्कि पैसा इन्वेस्ट करने के लिए प्रैक्टिस करना पड़ता है!


मान लीजिये की अपने किसी Share का या कंपनी का विश्लेषण बहुत अच्छे से कर रखा है, और आप शेयर मार्किट में नए है तो ऐसे में आप Invest करने में थोडा Uncomfortable महसूस कर सकते है,

तो येसे में आप उसी शेयर के Buy Price को एक कॉपी में नोट करे और साथ में जिस प्राइस में उसे बेचना चाहते है उसे भी लिख ले, इस तरह आप कम से कम दस बार जरूर करे ऐसा करने में थोड़ा समय जरूर लगेगा लेकिन आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जायेगा यदि 10 में 7 ट्रेड में आपको मुनाफा होता है तो आप पैसे इन्वेस्ट करना शुरू कर सकते है!


क्योंकि ऐसा करने से आपको Share Bazaar के प्रति अनुभव भी बढ़ेगा और पैसे इन्वेस्ट करने में भी डर नहीं लगेगा । इसका सबसे बड़ा फायदा यह है की ऊपर बताये गए किसी भी ट्रेडिंग में से आप Paper Trading द्वारा प्रैक्टिस कर सकते है! 



दोस्तों इस तरह से आप ऊपर बताए गये इतने सारे ट्रेडिंग में से किसी भी ट्रेडिंग में इन्वेस्ट करके अच्छा पैसा बना सकते है, यदि आप नए है तो मेरे तरफ से एक सलाह यह है की कम – कम पैसे को इन्वेस्ट करके कोशिश करे।



Trading और Investment में क्या अंतर है? ( What is the difference between Trading and Investment )


  1. Trading में शेयर को Short Term के लिए खरीदा जाता है। वहीं Investment में शेयर को लंबे समय के लिए ख़रीदा जाता है।
  2. Trading  में टेक्निकल एनालिसिस की जानकारी होना जरूरी होता है। वहीं Investment में Fundamental Analysis ( मौलिक विश्लेषण ) की जानकारी प्राप्त होनी चाहिए।
  3. Trading कि अवधि 1 साल तक की होती है। वहीं निवेश कि अवधि 1 साल से ज्यादा कि होती है।
  4. Trading करने वाले लोगों को traders कहा जाता है। वहीं निवेश (Investment) करने वाले लोगों को निवेशक (Invester) कहां जाता है।
  5. Trading Short Term मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है वहीं निवेश लंबी अवधि के मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है।



क्या Trading से income रेगुलर कमाया जा सकता है ? ( Can Regular Income be Earned from Trading )


  1. Trading से पैसे कमाने के लिए कई सारे Shares को खरीदना पड़ता है, इसलिए आपके पास बहुत ज्यादा पैसा होना चाहिए!
  2. जरूरी नहीं कि अपको पहली बार में ही सफलता मिले, शुरू-शुरू में आपको नुकसान भी हो सकता है लेकिन आपके पास धैर्य होना चाहिए!
  3. यहां अपको अच्छी खासी Practice और सीखते रहने की चाह होनी चाहिए!
  4. Trading से अच्छे खासे पैसे कमाने के लिए आपके पास Technical Analysis की भी अच्छी खासी Knowlege होनी चाहिए!
  5. अगर ये सारी क्वालिटी आपके पास है,तो आप Trading करके इनकम कमा सकता है!





दोस्तों आज के हमारे इस लेख से आपने जाना Stock Market Trading vs Investing Which is Better? तथा इसके साथ-साथ आपने ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है इन हिंदी? और Stock Market में Trading करें या Invest ( क्या है बेहतर ? ) यह भी जाना है! 


अगर आपको भी शेयर बाज़ार में Trade करना है तो सबसे पहले इसके बारे में विस्तार से जानकारी अवश्य ले नहीं तो आपको अच्छा खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है। नीचे हमने कुछ स्टॉक मार्केट से जुड़े आर्टिकल दिए है जिन्हें पढ़कर आपको शेयर बाज़ार की अच्छी खासी जानकारी मिल सकती है!



  1. शेयर बाज़ार से पैसे कैसे कमाए?
  2. Stock Market में P/E Ratio और EPS Ratio क्या होता है?
  3. Share Market Basic to Advance Knowledge in Hindi For Beginners
  4. स्टॉक मार्केट की पूरी जानकारी हिंदी में



आशा करता हूँ दोस्तों अब आप What is Investment in Hindi? ( शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट क्या है? ), What is Trading? ( ट्रेडिंग किसे कहते है? ), Types of Trading in Indian Stock Market ( शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के प्रकार ), Trading और Investment में क्या अंतर है? ( What is the difference between Trading and Investment ) के बारे में जान ही गये होंगे, हमे उम्मीद है आपको ये लेख पसंद आया होगा तो हमे नीचे कमेंट कर बता सकते है! 


यदि आप लोगों को शेयर बाज़ार से जुडी किसी भी तरह का कोई भी सवाल या सुझाव है तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते है जिनके जवाब हम आपको ज़रूर उत्तर देंगे! तथा इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि WhatsApp Facebook और Twitter इत्यादि पर share कीजिये ताकि शेयर बाज़ार में रूचि रखने वाले व्यक्ति को सही और सटीक जानकारी मिल सकते ताकि उसे नुकसान ना हो!


महत्वपूर्ण नोट: शेयर बाजार निवेश बाजार जोखिमों के अधीन एक हाई रिस्क मार्केट है, शेयर मार्केट के बारे में संपूर्ण जानकारी और समझ होने के बाद ही इसमें निवेश करे।

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