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Raksha Bandhan 2021 Date and Time:- 2021 में कब है रक्षा बंधन का त्यौहार? जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

हेलो दोस्तो कैसे हो आप सभी लोग, स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट में। आज हम आपको रक्षाबंधन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताएंगे की क्यो रक्षाबंधन मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर कुछ पौराणिक कथाएँ भी है इसके पीछे, Raksha Bandhan 2021 Date and Time:- 2021 में कब है रक्षा बंधन का त्यौहार? और जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त तो चलिए जानते है रक्षाबंधन के बारे में।


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रक्षाबंधन क्यों और कैसे मनाया जाता है? रक्षाबंधन पर निबंध ( Essay Rakshabandhan 2021 )



रक्षाबन्धन एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते है। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्व है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाइयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है और भाइयो को राखी बांधती है। उपहार और नए कपड़े खरीदने के लिए बाज़ार मे लोगों की सुबह से शाम तक भीड होती है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपने बहन को राखी के बदले कुछ उपहार देते है। 


Rakshabandhan एक ऐसा त्योहार है जो भाई बहन के प्यार को और मजबूत बनाता है, इस त्योहार के दिन सभी परिवार एक हो जाते है और राखी, उपहार और मिठाई देकर अपना प्यार साझा करते है। रक्षाबंधन भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक है। पूरे विश्व में हिंदू धर्म के अनुयायी इस त्योहार को खुशी और प्रेम से मनाते है। बहन अपने भाई की कलाई में रक्षासूत्र बाँधती और उसकी लंबी उमर की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहन की उम्रभर रक्षा करने का वचन देते है।




कैसे मनाया जाता है रक्षाबन्धन? ( How is celebrated Rakshabandhan )



रक्षाबंधन के दिन प्रातः स्नान कर लड़कियाँ ओर महिलायें पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली, हल्दी, चावल, दीपक और मिठाई भी होते हैं। लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले अभीष्ट देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, और फिर भाई की आरती उतारी जाती है, दाहिनी कलाई पर राखी बाँधी जाती है, और फिर इसके बाद भाई बहन को उपहार या धन देता है। 


इस प्रकार रक्षाबन्धन के अनुष्ठान को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है। प्रत्येक पर्व की तरह उपहारों और खाने-पीने के विशेष पकवानों का महत्व रक्षाबन्धन में भी होता है। और रक्षाबन्धन का अनुष्ठान पूरा होने तक बहनों द्वारा व्रत रखने की भी परम्परा है। यह पर्व भारतीय समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्व तो है ही, धर्म, पुराण, इतिहास, साहित्य और फ़िल्में भी इससे अछूते नहीं हैं।



राखी का त्योहार कब शुरू हुआ यह कोई नहीं जानता। लेकिन भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है, रक्षाबंधन सम्बंधित कुछ पौराणिक कथाएं जुडी हुईं है। इन कथाओं का वर्णन नीचे किया जा रहा है।



  • भविष्यत् पुराण के अनुसार दैत्यों और देवताओं के मध्य होने वाले एक युद्ध में भगवान इंद्र को एक असुर राजा, राजा बलि ने हरा दिया था। इस समय इंद्र की पत्नी सची ने भगवान विष्णु से मदद माँगी। भगवान विष्णु ने सची को सूती धागे से एक हाथ में पहने जाने वाला वलय बना कर दिया। इस वलय को भगवान विष्णु ने पवित्र वलय कहा। सची ने इस धागे को इंद्र की कलाई में बाँध दिया तथा इंद्र की सुरक्षा और सफलता की कामना की। इसके बाद अगले युद्ध में इंद्र बलि नामक असुर को हारने में सफ़ल हुए और पुनः अमरावती पर अपना अधिकार कर लिया। यहाँ से इस पवित्र धागे का प्रचलन आरम्भ हुआ




  • इतिहास में कृष्ण और द्रौपदी की कहानी प्रसिद्ध है, जब शिशुपाल और श्रीकृष्ण के बीच में युद्ध चल रहा था तो युद्ध के समय श्रीकृष्ण की तर्जनी में चोट लग गई, तो द्रौपदी ने लहू रोकने के लिए अपनी साड़ी फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दी थी और इस उपकार के बदले श्री कृष्ण ने द्रौपदी को किसी भी संकट मे द्रौपदी की सहायता करने का वचन दिया था।

  • स्कन्ध पुराण, पद्मपुराण और श्रीमद भागवत में वामनावतार नामक कथा में रक्षाबन्धन का प्रसंग मिलता है। कहते है कि भगवान विष्णु के वावन अवतार में तीन पग में तीनों लोक ले लिए और दानवेन्द्र बाली रसातल में चला गया तब बलि ने अपनी भक्ति के बल से भगवान को रात-दिन अपने सामने रहने का वचन ले लिया। भगवान के घर न लौटने से परेशान लक्ष्मी जी को नारद जी ने एक उपाय बताया। उस उपाय का पालन करते हुए लक्ष्मी जी ने राजा बलि के पास जाकर उसे रक्षाबन्धन बांधकर अपना भाई बनाया और अपने पति भगवान विष्णु को अपने साथ ले आयीं। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी।

  • महाभारत युद्ध के समय द्रौपदी ने कृष्ण की रक्षा के लिए उनके हाथ में राखी बाँधी थी। इसी युद्ध के समय कुंती ने भी अपने पौत्र अभिमन्यु की कलाई पर सुरक्षा के लिए राखी बाँधी थी।



दोस्तों ये थी रक्षाबन्धन से जुड़ी कुछ पौराणिक कथाएं। तो दोस्तों रक्षाबन्धन से सम्बंधित जानकारी और कथाएं आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में कमेन्ट कर जरूर बताएं। 



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2021 में कब है राखी? Raksha bandhan 2021 Date and Time


2021 में Raksha bandhan 22 अगस्त को है। पूर्णिमा की तिथि 21 अगस्त शाम से शुरू हो जाएगी और अगले दिन राखी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाएगा। 22 अगस्त को रविवार का दिन है।


रक्षा बंधन तिथि और शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2021 Tithi aur Shubh Muhurth )



  1. रक्षा बंधन तिथि: - 22 अगस्त 2021, रविवार
  2. पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: - 21 अगस्त 2021,  शाम 03:45 मिनट
  3. पूर्णिमा तिथि समापन: - 22 अगस्त 2021, शाम 05:58 मिनट
  4. शुभ मुहूर्त: - सुबह 05:50 मिनट से शाम 06:03 मिनट
  5. रक्षा बंधन की समयावधि: - 12 घंटे 11 मिनट
  6. रक्षा बंधन के लिए दोपहर में समय: - 01:44  से 04:23 मिनट तक
  7. अभिजीत मुहूर्त: - दोपहर 12:04 से 12:58 मिनट तक
  8. अमृत काल: - सुबह 09:34 से 11:07 तक
  9. ब्रह्म मुहूर्त: - 04:33 से 05:21 तक
  10. भद्रा काल: - 23 अगस्त, 2021 सुबह 05:34 से 06:12 तक


Rakshabandhan 2021 ka Muhurat, रक्षा बंधन 2021 का भद्राकाल और राहुकाल


इस तिथि पर भद्राकाल और राहुकाल का विशेष महत्व है। रक्षा बंधन पर राखी भद्राकाल और राहुकाल में नहीं बांधी जाती है क्योंकि इन काल में शुभ कार्य वर्जित माना जाता हैं। कहा जाता है कि भद्राकाल के दौरान कोई भी शुभ  इसलिए राखी भी भद्राकाल या राहु काल में नहीं बांधी जाती। ना ही इस अवधि में कोई शुभ कार्य किया जाता है। 



12 घंटे रहेगा शुभ समय ( Rakshabandhan 2021 Ka शुभ मुहूर्त )



रक्षा बंधन के दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग भी लगेगा. वहीं, भद्रा काल को छोड़ कर राखी बांधने के लिए पूरा 12 घंटे का समय रहेगा. भाई-बहन के पवित्र प्रेम को गहरा बनाने के लिए रक्षा बंधन के दिन इन शुभ मुहूर्तों राखी बांधने से भाई बहन का रिश्ता कभी नहीं टूटता है और प्यार बना रहता है!




दोस्तों आपको रक्षाबन्धन पर ये आर्टिकल कैसा लगा कमेन्ट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। हमने आपको रक्षाबन्धन की पुरी जानकारी दे दी है कि रक्षाबन्धन क्या है हिंदी में , Rakshabandhan क्यों मनाया जाता है हिंदी में, रक्षाबन्धन कैसे मनाया जाता है हिंदी में तथा Raksha Bandhan 2021 Date and Time:- 2021 में कब है रक्षा बंधन का त्यौहार? तिथि और शुभ मुहूर्त ! और अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताएं।


एक बात हमेशा ध्यान रखें - दूसरों की बहनों के बारे में उतना ही बोलो जितना आप अपनी बहन के बारे में सुन सको। Happy Raksha Bandhan to All.


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