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प्राथमिक मेमोरी / Volatile Memory क्या होती है- What is Primary Memory In Computer?

प्राथमिक मेमोरी / Volatile Memory क्या होती है- What is Primary Memory In Computer-प्राइमरी मेमोरी कितने प्रकार की होती है-RAM और ROM क्या है हिंदी मे
Primary Memory Kya Hai In Hindi





Primary Memory ( प्राथमिक मेमोरी ) को मुख्य मेमोरी ( Main Memory ) या अस्थाई मेमोरी (Volatile Memory) के नाम से भी जाना जाता है, यह मेमोरी CPU का महत्वपूर्ण भाग होती हैं, जहाँ से CPU डाटा और निर्देश प्राप्त करता हैं प्राइमरी मेमोरी केबल उस डाटा और निर्देशों को होल्ड करके रखती है जिन पर कंप्यूटर उस समय काम कर रहा होता है ये डाटा को परमानेंटली स्टोर करके नहीं रखती है Primary Memory ( Volatile Memory ) अस्थिर मेमोरी होती है, क्योकि काम खत्म होने के बाद इसमें स्टोर हुआ डाटा डिलीट हो जाता है! 


प्राइमरी मेमोरी सेमी कंडक्टर डिवाइस की बनी होती है, यह सीधे CPU ( Central Processing Unit ) के सम्‍पर्क में रहती है जिससे CPU को प्राइमरी मेमोरी से डाटा एक्सेस करने में समय कम लगे, इसमें वर्तमान में किया जा रहे काम के निर्देश और डाटा स्टोर रहता हैं ये रजिस्टर के मुकाबले कम फ़ास्ट होती है लेकिन सेकेंडरी मेमोरी से तेज़ होती है! प्राइमरी मेमोरी या Main Memory को RAM ( Random Access Memory ) और ROM ( Read Only Memory ) में विभाजित किया गया है!


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प्राइमरी मेमोरी दो प्रकार की होती है RAM और ROM

  1. RAM ( Random Access Memory ) Volatile Memory
  2. ROM ( Read Only Memory ) Non-Volatile Memory


प्राथमिक मेमोरी / Volatile Memory क्या होती है- What is Primary Memory In Computer-प्राइमरी मेमोरी कितने प्रकार की होती है-RAM और ROM क्या है हिंदी मे
Types Of Primary Memory In Hindi





1. रैम क्या है?- What is RAM in Hindi

RAM का Full Form  Random Access Memory होता है क्यूंकि रैम अपना काम करते समय Random memory location का इस्तेमाल करती है RAM का इस्तमाल data को Read और Write करने के लिए किया जाता है, यह CPU या अन्य हार्डवेयर डिवाइस से डाटा रीड और राइट कर सकती है!


Random Access Memory Computer की अस्थायी मेमोरी ( Temporary Memory ) होती है, कीबोर्ड या अन्य किसी Input Device से इनपुट किया गया डाटा प्रोसेसिंग से पहले रैम में ही स्टोर होता है और सी.पी.यू द्वारा आवश्यकतानुसार वहां से प्राप्त किया जा सकता है! रैम एक Volatile ( अस्थाई ) मेमोरी है इसलिए इसमें स्टोर किया गया डाटा तब तक ही उपलब्ध रहता है जब तक कंप्यूटर सिस्टम ऑन रहता है RAM की क्षमता या आकार कई प्रकार की होती है यह सेकेंडरी मेमोरी से कही ज्यादा फ़ास्ट और महंगी होती है लेकिन कैपेसिटी में सेकेंडरी मेमोरी के मुकाबले बहुत ही कम होती है! रैम मुख्यतः दो प्रकार की होती है SRAM और DRAM !


रैम तीन प्रकार की होती है- Types of RAM

  • SRAM ( Static Random Access Memory )
  • DRAM ( Dynamic Random Access Memory )
  • Synchronous RAM ( सिंक्रोनस रैम )


Static RAM:- SRAM सेमीकंडक्टर मेमोरी का एक प्रकार है Static RAM एक येसी रैम है जिसके हर एक सेल में 6 Transistors होते है ट्रांजिस्टर में कैपासिटर की तरह पॉवर लोस की कोई समस्या नहीं होती है इसलिए SRAM को बार बार रिफ्रेश करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है, कम रिफ्रेश होने के कारण यह डाटा को अधिक समय तक मेमोरी में रखती है! यह तब तक डेटा स्टोर करके रखती है जब तक की कंप्यूटर सिस्टम को बिजली की आपूर्ति की जाती है! 


SRAM को DRAM की तुलना में कम पॉवर की जरूरत होती है इसलिए DRAM की तुलना में Static RAM तेज और महंगी होती है, क्यूंकि इसे बार बार रिफ्रेश नहीं करना पड़ता है और इन्हें Cache मेमोरी के तौर पर कंप्यूटर में इस्तेमाल किया जाता है, SRAM Megabytes में ही मिलती है! SRAM डेटा को बहुत तेजी से Access करती है, Static RAM की डाटा तक पहुचने वाली गति Cache Memory की तरह व्यवहार करती है, इसलिए इसे Cache RAM भी कहते है इसका उदाहरण सभी प्रकार की कैश मेमोरी है!



Dynamic RAM:- Dynamic Ram सबसे कॉमन टाइप की Ram होती है डीरैम में डाटा मेमोरी सेल में स्‍टोर होता है, प्रत्‍येक मेमोरी सेल में एक ट्रांजिस्टर और एक कैपेसिटर होता है जिसमें थोडा थोडा डाटा स्‍टोर किया जाता है, DRAM में स्टोर हुआ डाटा बना रहे इसके लिए इसे बार बार रिफ्रेश भी करना पड़ता है रिफ्रेश करने का अर्थ है कि वह डाटा को रीराइट करते हैं इसके जल्दी जल्दी Refresh होने के कारण इसकी गति धीमी होती है लेकिन यह अन्य मेमोरी के मुक़ाबले कम बिजली खाती है और लंबे समय तक खराब नहीं होती है! 


अभी के समय में हम dual data rate (DDR) का इस्तेमाल कर रहे है मार्किट में आपको DDR 4 देखने को मिल जाएगी इससे पहले DDR1 से लेकर DDR3 आ चुकी है पुरानी डायनामिक रैम Single Data Rate (SDR) होती थी, Dual Data Rate (DDR) SDR से काफी तेज़ होती है!



Synchronous RAM:- सिंक्रोनस रैम DRAM की अपेक्षा ज्यादा फ़ास्ट होती है, यह DRAM से ज्यादा तेजी से रिफ्रेश होती है इसकी तेज गति का कारण यह है कि यह CPU की Clock Speed के साथ रिफ्रेश होती है इसलिए यह DRAM की तुलना में ज्‍यादा तेजी से डाटा स्थानांतरित कर पाती है!



2. रोम क्या है?- What is ROM in Hindi

ROM का फुल फॉर्म Read Only Memory होता है ROM एक Non volatile मेमोरी होती है तो इसमें स्टोर किया गया डाटा Permanent होता है इसलिए इसे स्थाई मेमोरी भी कहते है क्योकि इस मेमोरी से डाटा को केवल Read कर सकते है यह डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करती है कंप्यूटर का स्विच ऑफ होने के बाद भी रोम में स्टोर किया हुआ डाटा नष्ट नहीं होता हैं!


ROM के अंदर Manufactures वो इनफार्मेशन स्टोर करते है जो मशीन को चलाने के लिए बहुत ही जरुरी होती है इसमें वो सभी निर्देश होते है जो कंप्यूटर को स्टार्ट होते समय जरूरत पड़ते है, इस मेमोरी में Store प्रोग्राम नष्ट नही किये जा सकते उन्हें केवल पढ़ा जा सकता है इसलिए इस मेमोरी को रीड ओनली मेमोरी कहते है!


रोम तीन प्रकार की होती है- Types of ROM

  • PROM (Programmable Read Only Memory)
  • EPROM (Erasable and Programmable Read Only Memory)
  • EEPROM (Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory)



PROM:- PROM एक येसी मेमोरी होती है जिसमे एक बार डाटा स्टोर होने के बाद उसे मिटाया नही जा सकता है और न ही परिवर्तन किया जा सकता है! कहने का मतलब है कि PROM चिप एक Programmable Read Only Memory होती है जिसे यूजर के द्वारा भी Programmed किया जा सकता है और एक बार इसे प्रोग्राम्ड कर दिया गया तब इसमें उपस्थित डाटा और निर्देश को मिटाया या चेंज नही किया जा सकता है!

यह एक Non-Volatile Memory होती है, PROM एक मेमोरी चिप होती है जिसे आप मार्केट से खरीद सकते है और उसमे आप अपना डाटा स्टोर कर सकते है और इसमें डाटा को केवल एक ही बार प्रोग्राम किया जा सकता है इसलिए PROM को One Time Programmable ( OTP ) चिप के रूप में भी जाना जाता है, यह डेटा को स्थाई रूप से स्टोर करता है!


EPROM:- Erasable and Programmable Read Only Memory आपको इसके नाम से ही पता लग रहा होगा कि इसे दुवारा से प्रोग्राम किया जा सकता है यह PROM की तरह ही होती है लेकिन इसमें स्थाई रूप से स्टोर डाटा को मिटाने के लिए Ultra violet light ( UV ) कुछ समय के लिए पास कराई जाती है जिससे इसमें स्टोर डाटा Erase हो जाता है और इसके बाद इसे फिर से प्रोग्राम किया सकता है! 


EEPROM:- EEPROM का पूरा नाम Electrically Erasable and Programmable Read Only Memory होता है ये EPROM के जैसी ही होती है इसमें भी डाटा को स्थाई रूप से स्टोर किय जाता है, लेकिन इसमें डाटा को डिलीट करने के लिए Ultra Violet Light की कोई जरूरत नही पड़ती है इलेक्ट्रिकल सिग्नल की सहायता से स्थाई रूप से स्टोर किये डाटा को नष्ट किया जाता है तथा इसको Device से बहार नहीं निकालना पड़ता है डाटा डिलीट करने में EPROM के मुकाबले कम समय लगता है, इसे हाइब्रिड मेमोरी भी कहा जाता है क्योकि यह रैम की भाती रीड और राइट करती है और रोम के समान डाटा स्टोर करती है यह RAM और ROM का मिश्रण है!



Primary Memory ( प्राथमिक मेमोरी ) की विशेषताएं

  • Main Memory ( Volatile Memory ) में डाटा Temporary ( अस्थाई ) रूप में स्टोर होता है!
  • प्राइमरी मेमोरी बहुत फ़ास्ट होती है सेकेंडरी मेमोरी की तुलना में!
  • Primary Memory सेमीकंडक्टर मेमोरी होती है, यह मेमोरी CPU का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है!
  • बिना प्राथमिक मेमोरी के कंप्यूटर कोई भी कार्य नही कर सकता!
  • कंप्यूटर बंद होने के बाद या काम ख़त्म होने के बाद Main मेमोरी से डाटा और निर्देश स्वतः ही डिलीट हो जाता है!


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निष्कर्ष-

आज आपने जाना प्राथमिक मेमोरी / Volatile Memory क्या होती है और कितने प्रकार की होती है? आपको हमारा लेख  What is Primary Memory In Computer पसन्द आया होगा ! यदि आपके मन में इस लेख को लेकर कोई भी सवाल या सुझाव हैं तो आप नीचे कमेंट करके हमे बता सकते है, इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि उन्हे भी कम्प्यूटर मेमोरी के बारे में जानकारी मिल जाएं!

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