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गुरु नानक जयंती क्यों मनाई जाती है 2021 महत्व और कब है

गुरु नानक जयंती व प्रकाश पर्व क्यों मनाई जाती है- 

गुरु नानक जयंती कब है 2021

गुरु नानक जयंती व प्रकाश पर्व सिखों का सबसे पवित्र पर्व है यह पर्व गुरुनानक जी के जन्म 

दिवस पर मनाया जाता है

गुरु नानक जयंती क्यों मनाई जाती है 2021 महत्व और कब है




गुरु नानक जी का जीवन परिचय

इनका जन्म 1469ई. में तलवंडी (आधुनिक ननकाना ) पंजाब में एक खत्री परिवार में हुआ था।

इनकी माता का नाम तृप्ता देवी तथा पिता का नाम कालूराम था। इनका विवाह बटाला के 

मूलराज खत्री की बेटी सुलक्षणी से हुआ। जिससे उनको दो पुत्र हुए थे। इनके प्रथम पुत्र का नाम 

श्रीचंद था व दूसरे पुत्र का नाम लखमीदास था इनके बचपन के बारे में कहा जाता है कि ये बहुत 

ही प्रखर बुद्धि के दिखाई देते थे। तथा ये लड़कपन ही से ये सांसारिक विषयों से उदासीन रहा 

करते थे तथा इनका पढ़ने लिखने में इनका मन नहीं लगा। 7-8 साल की उम्र में स्कूल छूट गया 

क्योंकि ये हर समय ही भगवान की प्राप्ति व उनके ही बारे में ही प्रश्न किया करते थे जिसके 

कारण उनके अध्यापको  ने गुरु नानक जी से हार मान ली तथा वे इन्हें ससम्मान घर छोड़ने आ 

गए। तत्पश्चात् सारा समय वे आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग में व्यतीत करने लगे। बचपन के 

समय में इनके साथ कई चमत्कारिक घटनाएं घटीं जिन्हें देखकर गाँव के लोग इन्हें दिव्य 

व्यक्तित्व मानने लगे।बचपन के समय से ही इनमेंररखने वालों में इनकी बहन नानकी तथा गाँव 

के शासक राय बुलार प्रमुख थे। तथा जीवन के अंतिम दिनों में इनकी ख्याति बहुत बढ़ गई और 

इनके विचारों में भी परिवर्तन हुआ। स्वयं ये अपने परिवार वर्ग के साथ रहने लगे और मानवता 

कि सेवा में समय व्यतीत करने लगे। उन्होंने करतारपुर नामक एक नगर बसाया, जो कि अब 

पाकिस्तान में है और एक बड़ी धर्मशाला उसमें बनवाई। इसी स्थान पर  (22 सितंबर 1539 

ईस्वी) को इनका परलोक वास हुआ।


गुरु नानक जयंती   प्रकाश पर्व क्यों मनाया जाता है

गुरु नानक देव सिख धर्म के प्रथम गुरु है इन्होने ही सिख धर्म की स्थापना की थी समाज में 

व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए उन्होंने अपने पारवारिक जीवन व सुख का भी त्याग कर 

दिया और उन्होंने दूर दूर स्थानों की यात्रा की और वहा से ज्ञान प्राप्त कर लोगो के मन में बसी 

कुरीतियों को दूर करने की दिशा में कम किया क्योकि गुरु नानक देव जी कुरीतियों और बुराइयों 

को लोगो के मन से दूर कर उनके मन में प्रकाश व ज्ञान की नई ज्योति को जगाया और उसी 

समय से ही सिख धर्म गुरु गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के दिन को लोगो ने प्रकाश पर्व 

उन्ही के नाम की जयंती का पर्व मानना प्रारम्भ कर दिया



गुरु नानक जयंती कैसे मानते है

गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है इसीलिए इस दिन 

गुरु नानक जयंती भी मनाई जाती है गुरु नानक जयंती के दिन सिख लोग अपने धर्म गुरु गुरु 

नानक देवजी को भी यद् करते है इस दिन सिख समुदाय के लोग अनेक सभाये भी करते है और 

सभाओ में गुरु नानक जी की दी हुई शिक्षा के बारे में चर्चा करते है और इसके आलावा यह भी 

बताया जाता है कि उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को कसे दूर किया था गुरु नानक देव जी 

मूर्ति पूजा के विरूद्ध थे वे मानते थे की ईस्वर हर जगह व्याप्त है बस उसे पहचाननें की 

आवश्यकता है सिख धर्म के लोग इसी दिन एक अखंड पाठ भी करते है जो 48 घंटे तक चलता 

है इसमे सिख धर्म के प्रमुख ग्रन्थ गुरु ग्रन्थ साहिब का पाठ किया जाता है और बताया जाता है 

गुरु नानक जयंती के एक दिन पहले सिख समुदाय के लोग प्रभात फेरी भी लगाते है और इस 

दिन कई स्थानों पर लंगरों का आयोजन भी किया जाता है



गुरु नानक देव जी जी की दस शिक्षाएं -

  1. परम पिता परमेश्वर एक हैं |
  2. सदैव एक ही ईश्वर की आराधना करो |
  3. ईश्वर सब जगह और हर प्राणी में विद्यमान हैं |
  4. ईश्वर की भक्ति करने वालों को किसी का भी भय नहीं रहता |
  5. ईमानदारी और मेहनत से पेट भरना चाहिए |
  6. बुरा कार्य करने के बारे में न सोचें और न ही किसी को सताएं |
  7. हमेशा खुश रहना चाहिए, ईश्वर से सदा अपने लिए क्षमा याचना करें |
  8. मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से जरूरत मंद की सहायता करें |
  9. सभी को समान नज़रिए से देखें, स्त्री-पुरुष समान हैं |
  10. भोजन शरीर को जीवित रखने के लिए आवश्यक है| परंतु लोभ-लालच के लिए संग्रह करने की आदत बुरी है |


गुरु नानक जी के अनमोल वचन

  1. भगवान पर वही विश्वास कर सकता है जिसे खुद पर विश्वास हो.
  2. यह दुनिया सपने में रचे हुए एक ड्रामे के समान है.
  3. भगवान उन्हें ही मिलते है जो प्रेम से भरे हुए है. दुनिया में कोई भी व्यक्ति इस भ्रम में न रहे की बिना गुरु के ज्ञान के भवसागर को पार पाया जा सकता है. 
  4. सिर्फ वही शब्द बोलना चाहिए जो शब्द हमे सम्मान दिलाते हो.
  5. बंधुओ ! हम मौत को बुरा नही कहते यदि हम जानते की मरा कैसे जाता है.
  6. ना मै बच्चा हु, ना एक युवक हु, ना पौराणिक हु और ना ही किसी जाति से हु.
  7. यह दुनिया कठिनाईयों से भरा है जिसे खुद पर भरोसा होता है वही विजेता कहलाता है.
  8. ईश्वर सर्वत्र विद्यमान है हम सबका पिता है इसलिए हमे सबके साथ मिलजुलकर प्रेमपूर्वक रहना चाहिए
  9. कभी भी किसी भी परिस्थिति में किसी का हक नही छिनना चाहिए.
  10. आप सबकी सदभावना ही मेरी सच्ची सामजिक प्रतिष्ठा है.


गुरु नानक जयंती मानाने के कारण

हर वर्ष की तरह इस बार भी गुरु नानक जयंती व प्रकाश पर्व 30 नवम्बर 2020 को कार्तिक 

पूर्णिमा दिन सोमवार को बड़े ही हर्ष व् उल्लाश के साथ मनाया जायेगा तथा सिखों का समुदाय 

बेहद हर्ष व् उल्लाश और श्रद्धा के साथ इस पर्व के साथ जैसे मनाता आ रहा है इस वर्ष भी उसी 

हर्ष व् उल्लाश के साथ मनायेगा तथा उसी दिन सिखों का समुदाय जगह जगह लंगरों का 

आयोजन भी करेगा दूसरे शब्दों में कहा जाये जिस प्रकार हिन्दू समुदाय दीपावली का पर्व जितने 

हर्ष व उल्लाश के साथ मनाता है ठीक उसी प्रकार से सिखों का समुदाय भी गुरु नानक जयंती व् 

प्रकाश पर्व मनाता है



गुरु नानक जयंती मनाने का क्या महत्व है

गुरु नानक जंयती गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। माना जाता है कि 

कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन ही गुरु नानक जी का जन्म हुआ था। गुरु नानक जी का मन 

सांसारिक कामों में नहीं लगता था। वह ईश्वर की भक्ति और सत्संग आदि में अधिक रहा करते थे। 

मात्र 8 साल की उम्र में ही उनका स्कूल छूट गया था। भगवान की भक्ति और ईश्वर के प्रति 

भक्ति देखकर लोग इन्हें दिव्य पुरुष मानने लगे थे। गुरु नानक जंयती के दिन गुरुद्वारों में गुरु ग्रथ 

साहिब का पाठ किया जाता है और लोगों में लंगर बांटा जाता है।


गुरु नानक जयंती पर्व तिथि व मुहूर्त 2021 Date and Time

गुरु नानक जयंती:- 19 नवंबर 2021

जयंती तिथि - शुक्रवार, 19 नवंबर 2021

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - 11:59 बजे (18 नवंबर 2021) से

पूर्णिमा तिथि समाप्त - 14:26 बजे (19 नवंबर 2021) तक

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